स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सियासी घमासान,
ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव पर पलटवार

कहा— ‘सपा का सनातन से कोई लेना-देना नहीं’
लखनऊ।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े बयान और उसके बाद उठे विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने साफ शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी का सनातन धर्म से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने हमेशा सनातन परंपराओं और आस्थाओं का अपमान किया है और आज राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों पर दोहरा रवैया अपना रही है।
ब्रजेश पाठक ने कहा,
“अखिलेश यादव और उनकी पार्टी ने सत्ता में रहते हुए कभी सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आज जब जनता सब कुछ समझ चुकी है, तो सपा नेता धर्म की आड़ लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन संस्कृति की सच्ची रक्षक है और योगी सरकार में धार्मिक स्थलों, परंपराओं और आस्थाओं का सम्मान लगातार बढ़ा है। ब्रजेश पाठक ने सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर दिए गए बयानों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रहा है, वहीं भाजपा इसे सनातन विरोधी मानसिकता का उदाहरण बता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर सियासत और तेज हो सकती है, और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
— निरुपमा पाण्डेय
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