हम आपका दिमाग खराब कर देते, लेकिन…” दिल्ली की सड़कों पर उतरीं ममता दीदी, इतना गुस्सा क्यों?

दिल्ली की सियासत में उस वक्त हलचल मच गई जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सड़कों पर उतर आईं। केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठी सरकार बंगाल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और राज्य का हक रोका जा रहा है।
नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को राजधानी दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। हाथ में तख्तियां लिए, पार्टी सांसदों और विधायकों के साथ ममता बनर्जी संसद मार्ग से लेकर जंतर-मंतर तक पैदल मार्च करती नजर आईं। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल के विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि जानबूझकर रोकी जा रही है।
ममता बनर्जी ने तीखे लहजे में कहा,
“हम आपका दिमाग खराब कर देते, लेकिन हम लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। इसलिए सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। केंद्र सरकार राजनीति के तहत बंगाल को सजा दे रही है।”
क्या है नाराजगी की वजह?
टीएमसी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा, आवास योजना और अन्य केंद्रीय योजनाओं के हजारों करोड़ रुपये के फंड को रोक रखा है। ममता बनर्जी का कहना है कि इससे राज्य के गरीबों और मजदूरों को सीधा नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा,
“बंगाल देश का हिस्सा है, कोई दुश्मन देश नहीं। हमारे लोगों का हक छीना जा रहा है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
केंद्र पर लगाया बदले की राजनीति का आरोप
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है क्योंकि बंगाल की जनता ने बार-बार उन्हें सत्ता से बाहर रखा है।
“चुनाव हारने का बदला गरीबों से लिया जा रहा है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है,” ममता ने कहा।
प्रदर्शन में दिखी पूरी ताकत
इस विरोध प्रदर्शन में टीएमसी के कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने नारे लगाए
“बंगाल का हक दो, तानाशाही नहीं चलेगी।”
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
रिपोर्ट: निरुपमा पाण्डेय
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