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V. Anantha Nageswaran ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को केवल नौकरियां खत्म करने वाली तकनीक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, AI का मुख्य प्रभाव कार्य करने के तरीके और आवश्यक कौशल (स्किल्स) पर पड़ेगा।
मिली जानकारी के अनुसार, नागेश्वरन ने कहा कि AI कई नियमित और दोहराव वाले कार्यों को आसान बना सकता है, लेकिन इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए नई तकनीकी योग्यता और कौशल की मांग भी बढ़ेगी।
सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय में री-स्किलिंग (Reskilling) और अप-स्किलिंग (Upskilling) बेहद महत्वपूर्ण होंगे। जो लोग नई तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार करेंगे, उनके लिए रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI कई क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और नए प्रकार की नौकरियां पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, इसके लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और डिजिटल कौशल पर निवेश बढ़ाना जरूरी होगा।
फिलहाल सरकार और उद्योग जगत AI के बढ़ते उपयोग के साथ कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों पर भी लगातार ध्यान दे रहे हैं।
(Poonam Report)



