
भागलपुर, 12 सितंबर 2026: जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। बाढ़ प्रभावित और जलजमाव की आशंका वाले क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है।
घर-घर जाकर जुटाई जा रही जानकारी
स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें और आशा कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटा रही हैं। इसमें प्रसव की संभावित तारीख, स्वास्थ्य की स्थिति और गर्भावस्था से जुड़े जोखिम के लक्षणों को ध्यान में रखा जा रहा है। जिन महिलाओं की डिलीवरी की तारीख नजदीक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
अस्पताल पहुंचने में परेशानी न हो, इसलिए पहले से तैयारी
विभाग का उद्देश्य बाढ़ के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा होने पर महिला और नवजात को अस्पताल पहुंचाने में आने वाली परेशानी को रोकना है। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को जरूरत के अनुसार पहले से अस्पताल में भर्ती या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा पदाधिकारियों, अस्पताल प्रबंधन और आशा कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन परिवहन और रेफरल एंबुलेंस व्यवस्था को भी सक्रिय रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को जल्द स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जा सके।
परिवारों से समय रहते अस्पताल पहुंचने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों से अपील की है कि प्रसव की तारीख नजदीक आने पर अंतिम समय का इंतजार न करें। किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए समय रहते आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य कर्मी से संपर्क कर अस्पताल पहुंचने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
Poonam Report



