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MP की सरकारी डायरी में बड़ी गड़बड़ी: रिटायर-ट्रांसफर अफसरों के नाम-नंबर छपे, कई विभागों के प्रमुख ही गायब

मध्य प्रदेश में जारी की गई सरकारी डायरी को लेकर बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। जिस डायरी को प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र की “आधिकारिक पहचान” माना जाता है, उसी में गंभीर लापरवाही और गड़बड़ी उजागर हुई है। डायरी में ऐसे अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर छप गए हैं, जो या तो रिटायर हो चुके हैं या फिर काफी पहले ट्रांसफर किए जा चुके हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण विभागों के मौजूदा प्रमुखों के नाम ही डायरी से गायब पाए गए हैं।

क्या है सरकारी डायरी का महत्व

सरकारी डायरी हर साल प्रकाशित की जाती है, जिसमें

मंत्रियों

वरिष्ठ IAS, IPS और अन्य अधिकारियों

विभागाध्यक्षों

जिला स्तर के प्रमुख अफसरों

के नाम, पद और संपर्क नंबर दर्ज होते हैं। इसे प्रशासनिक कामकाज, आपसी समन्वय और आधिकारिक संपर्क के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज माना जाता है

कहां-कहां हुई गड़बड़ी

नई सरकारी डायरी सामने आने के बाद जब अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे खंगाला, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं—

कई सेवानिवृत्त अफसरों के नाम अब भी डायरी में दर्ज हैं

ट्रांसफर हो चुके अधिकारियों के पुराने पद और नंबर प्रकाशित हैं

कुछ अहम विभागों के मौजूदा प्रमुखों के नाम और संपर्क डायरी में शामिल ही नहीं हैं

कई जगह पदनाम और विभाग भी गलत छपे हुए हैं

प्रशासनिक कामकाज पर असर

इस गड़बड़ी का सीधा असर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।

सही अधिकारी से संपर्क करने में दिक्कत

फाइल मूवमेंट और समन्वय में देरी

आपात स्थिति में गलत व्यक्ति तक कॉल जाने का खतरा

अधिकारियों का कहना है कि ऐसी गलतियां सरकार की छवि और प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।

लापरवाही या सिस्टम फेल?

इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि—

क्या डायरी अपडेट करने में लापरवाही बरती गई?

क्या विभागों से समय पर सही जानकारी नहीं ली गई?

या फिर यह पूरा मामला सिस्टम की बड़ी विफलता का संकेत है?

सूत्रों के मुताबिक, डायरी के प्रकाशन से पहले कई विभागों से अपडेटेड सूची मंगाई गई थी, लेकिन अंतिम स्तर पर डेटा वेरिफिकेशन नहीं किया गया।

जिम्मेदारी किसकी

अब यह सवाल भी उठ रहा है कि

डायरी के संपादन और प्रकाशन की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर थी, उन पर क्या कार्रवाई होगी

क्या इस चूक की जांच कराई जाएगी

और क्या संशोधित डायरी या सुधार सूची जारी की जाएगी

सरकारी हलकों में इस मामले को लेकर अंदरखाने चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सुधार की मांग

कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने मांग की है कि

डायरी को तुरंत अपडेट किया जाए

गलत प्रविष्टियों को सुधारने के लिए अलग से संशोधित सूची जारी हो

भविष्य में ऐसी चूक रोकने के लिए डिजिटल और रियल-टाइम अपडेट सिस्टम अपनाया जाए

आगे क्या हो सकता है

संभावना जताई जा रही है कि

मामले की आंतरिक समीक्षा होगी

जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा सकता है

जरूरत पड़ी तो नई संशोधित सरकारी डायरी या एडेंडम जारी किया जाएगा

यह मामला प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ रहा है।

Poonam report

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