UP: अयोध्या जेल के जेलर-डिप्टी जेलर समेत 10 निलंबित, जेल अधीक्षक पर कार्रवाई की संस्तुति; जानें पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से जेल प्रशासन से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। अयोध्या जिला कारागार में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों के बाद जेलर, डिप्टी जेलर समेत कुल 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जेल अधीक्षक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है। इस कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या जिला जेल में लंबे समय से नियमों के उल्लंघन, कैदियों को अवैध सुविधाएं देने, ड्यूटी में लापरवाही और प्रशासनिक नियंत्रण में भारी चूक की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तर पर जांच कराई गई।
जांच में सामने आया कि
जेल नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया
कुछ कैदियों को विशेष सुविधाएं दी जा रही थीं
सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही बरती गई
जेल के अंदर अनुशासन और नियंत्रण कमजोर पाया गया
इन्हीं गंभीर बिंदुओं के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
किन-किन पर गिरी गाज
जांच रिपोर्ट के आधार पर
जेलर
डिप्टी जेलर
अन्य अधिकारी व कर्मचारी
सहित कुल 10 लोगों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सभी को विभागीय जांच के दायरे में लाया गया है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
जेल अधीक्षक पर भी शिकंजा
जांच में जेल अधीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल प्रशासन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखा गया और अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया। इसी आधार पर जेल अधीक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी गई है। अंतिम फैसला शासन स्तर पर लिया जाएगा।
सरकार का सख्त रुख
राज्य सरकार और जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि
जेलों में भ्रष्टाचार
नियमों की अनदेखी
कैदियों को अवैध सुविधाएं
किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। आने वाले समय में अन्य जेलों की भी सघन जांच कराई जा सकती है।
जेल प्रशासन में मचा हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अयोध्या जेल ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अन्य जेलों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
आगे क्या होगा
निलंबित कर्मचारियों से जवाब-तलब
विभागीय जांच शुरू
दोषी पाए जाने पर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई संभव
जेल प्रशासन में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है।
Poonam report



