जम्मू-कश्मीर में चिल्ले कलां खत्म: घाटी में ‘छोटी ठंड’ शुरू, रात के पारे में वृद्धि; कल बारिश-बर्फबारी के आसार

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की सर्दी के सबसे कठिन दौर चिल्ले कलां का समापन हो गया है। इसके साथ ही कश्मीर घाटी में अब ‘छोटी ठंड’ (चिल्ले खुर्द) की शुरुआत हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक, बीते कुछ दिनों में रात के न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है। हालांकि, राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं दिख रही, क्योंकि कल से बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार जताए गए हैं।
चिल्ले कलां के बाद बदला मौसम का मिजाज
40 दिनों तक चलने वाला चिल्ले कलां कश्मीर की सर्दियों का सबसे कठोर चरण माना जाता है। इस दौरान—
तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है
जलस्रोत जम जाते हैं
जनजीवन पर व्यापक असर पड़ता है
अब इसके खत्म होने के बाद मौसम में हल्का सुधार देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में रात का पारा पहले की तुलना में ऊपर गया है, जबकि दिन के तापमान में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई है।
‘छोटी ठंड’ में भी बरकरार रहेगी ठिठुरन
हालांकि चिल्ले कलां खत्म हो चुका है, लेकिन ठंड पूरी तरह विदा नहीं हुई है। चिल्ले खुर्द के दौरान—
सुबह और रात में ठंड का असर बना रहेगा
पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी ज्यादा महसूस होगी
कोहरे और पाले की स्थिति बनी रह सकती है
स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही तापमान में थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन सर्द हवाओं के चलते ठंड अब भी चुभ रही है।
कल से बारिश और बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे को लेकर अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार—
घाटी के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है
गुलमर्ग, सोनमर्ग और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं
मौसम में बदलाव से तापमान में फिर गिरावट आ सकती है
इसका असर सड़क यातायात और हवाई सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
किसानों और पर्यटन से जुड़े लोगों की नजर मौसम पर
मौसम में हो रहे बदलाव पर—
किसान फसलों और बागानों को लेकर सतर्क हैं
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग बर्फबारी को लेकर उम्मीद और चिंता दोनों जता रहे हैं
बर्फबारी से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन ज्यादा खराब मौसम से दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं
प्रशासन ने दी सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—
मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें
ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें
फिसलन और बर्फबारी की स्थिति में अनावश्यक सफर से बचे
चिल्ले कलां के खत्म होने से कश्मीर घाटी में ठंड का सबसे कठिन दौर जरूर बीत गया है, लेकिन सर्दी अभी पूरी तरह विदा नहीं हुई है। ‘छोटी ठंड’ के साथ मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा और आने वाले दिनों में बारिश व बर्फबारी से ठंड एक बार फिर अपना असर दिखा सकती है।
Poonam Report



