कोयला संकट के बावजूद यूपी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था संभली, जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे सप्लाई

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और कोयले की उपलब्धता प्रभावित होने के बावजूद बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में कोयले की कमी का असर ताप विद्युत उत्पादन पर पड़ा है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में रात के समय सीमित रोस्टरिंग की स्थिति बनी है। इसके बावजूद जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
बारिश और खदानों में जलभराव के कारण कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे ताप बिजलीघरों के उत्पादन पर दबाव बढ़ा है। बिजली की मांग को पूरा करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रबंधन किया जा रहा है और जरूरत के अनुसार बिजली आपूर्ति को संतुलित किया जा रहा है।
राज्य की बिजली व्यवस्था में उत्पादन के साथ-साथ वितरण और आपूर्ति प्रबंधन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। मौजूदा परिस्थितियों में विभागीय स्तर पर बिजली की उपलब्धता और मांग की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि आवश्यक क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित न हो।
देशभर में भी कई ताप बिजलीघरों में कोयले के भंडार को लेकर दबाव की स्थिति बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सितंबर की शुरुआत में बड़ी संख्या में बिजली संयंत्रों में कोयले का भंडार कम स्तर पर पहुंच गया था। इसे देखते हुए कोयले की ढुलाई बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में सरकार और बिजली विभाग का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि कोयले की चुनौती का असर आम उपभोक्ताओं पर न्यूनतम पड़े और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बनी रहे। आने वाले दिनों में कोयले की उपलब्धता और बिजली उत्पादन की स्थिति के आधार पर आपूर्ति व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
Poonam Report



