
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रोविजनल एनरोलमेंट वाले कानून स्नातकों को दो साल के भीतर ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) पास करना जरूरी होगा। तय अवधि में परीक्षा पास नहीं करने पर वे वकालत करने के लिए पात्र नहीं रहेंगे।
अदालत ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को यह भी निर्देश दिया कि AIBE पास करने वाले अधिवक्ताओं को उनका एनरोलमेंट नंबर चार सप्ताह के भीतर जारी किया जाए। कोर्ट का उद्देश्य कानून की पढ़ाई पूरी करने और पेशेवर रूप से वकालत शुरू करने के बीच प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है।
AIBE पास करने के बाद योग्य उम्मीदवारों को Certificate of Practice (CoP) मिलता है, जो अदालतों और अधिकरणों में कानून की प्रैक्टिस के लिए जरूरी है। BCI की आधिकारिक जानकारी भी बताती है कि प्रोविजनल रूप से एनरोल व्यक्ति को दो साल तक प्रैक्टिस की अनुमति रहती है और इस अवधि में AIBE पास करना होता है।
फैसले के बाद कानून की पढ़ाई पूरी कर चुके और बार काउंसिल में प्रोविजनल एनरोलमेंट कराने वाले युवाओं के लिए AIBE समय पर पास करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
Poonam Report



