आगरा में शादियां अब सिर्फ रस्मों और पारंपरिक आयोजनों तक सीमित नहीं रह गई हैं।

शादी समारोहों से जुड़े मिठाई, गिफ्टिंग, कैटरिंग और मनोरंजन जैसे कारोबार भी तेजी से बड़े बाजार का रूप ले रहे हैं। फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में आयोजित ‘बियॉन्ड द मंडप: द बिजनेस ऑफ वेडिंग इकोनॉमी’ विषयक सेमिनार में कारोबारियों और विशेषज्ञों ने बदलती शादी की अर्थव्यवस्था और नई पीढ़ी की पसंद पर चर्चा की।
सेमिनार में बताया गया कि आज शादी के बजट का बड़ा हिस्सा केवल वेन्यू और खाने तक सीमित नहीं रहता। मेहमानों के स्वागत, रिटर्न गिफ्ट, मिठाई, संगीत और अलग-अलग मनोरंजन कार्यक्रमों पर भी परिवार खर्च कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नई पीढ़ी शादी को यादगार बनाने के लिए पारंपरिक आयोजनों के साथ नए प्रयोगों को भी प्राथमिकता दे रही है।
मिठाई कारोबार में भी बदलाव दिखाई दे रहा है। कारोबारियों संदीप अग्रवाल, अमित गोयल और जय अग्रवाल के अनुसार युवा ग्राहक पारंपरिक मिठाइयों के साथ फ्यूजन मिठाइयों को भी पसंद कर रहे हैं। इसी मांग को देखते हुए मिठाई कारोबारियों को अपने उत्पादों में नए स्वाद और नए प्रयोग शामिल करने पड़ रहे हैं। हालांकि पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यक्रमों में पारंपरिक मिठाइयों और स्वाद की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है।
शादी समारोहों में मनोरंजन का हिस्सा भी तेजी से बढ़ा है। हल्दी, मेहंदी और संगीत जैसे कार्यक्रमों में लाइव बैंड, फ्यूजन बैंड और लोक नृत्य की मांग बढ़ने की बात सेमिनार में सामने आई। दूल्हा-दुल्हन की एंट्री को खास बनाने के लिए अलग-अलग सजावटी और मंचीय प्रभावों का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है।
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने आधुनिक भारतीय शादियों के कारोबार को मुख्य रूप से चार हिस्सों में बताया—मनोरंजन, स्वाद यानी मिठाई-नमकीन, लग्जरी गिफ्टिंग और कैटरिंग। उनके अनुसार रिटर्न गिफ्ट अब केवल मेहमानों को दी जाने वाली औपचारिक भेंट नहीं रह गया है, बल्कि यह शादी के आयोजन की खास पहचान और लग्जरी का हिस्सा बनता जा रहा है।
आगरा में शादी से जुड़े कारोबार के बढ़ने का असर छोटे और बड़े दोनों तरह के कारोबारियों पर पड़ रहा है। मिठाई की दुकानों से लेकर कैटरिंग, गिफ्ट पैकिंग, इवेंट मैनेजमेंट, लाइव म्यूजिक और सजावट से जुड़े कारोबारियों के लिए शादी का सीजन कमाई का महत्वपूर्ण अवसर बनता जा रहा है। नई पसंद और बदलते ट्रेंड के साथ इन कारोबारों में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में शादी समारोहों में व्यक्तिगत पसंद, थीम आधारित आयोजन और मेहमानों के अनुभव पर और अधिक जोर देखने को मिल सकता है। इससे शादी का बाजार केवल मंडप और भोजन तक सीमित न रहकर कई अलग-अलग कारोबारों के लिए रोजगार और कमाई का बड़ा माध्यम बनता रहेगा।
Poonam Report



