
पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों की प्रमुख मांग को स्वीकार करते हुए ऐलान किया है कि TRE-4 की परीक्षा अब एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। सरकार के इस फैसले से उन हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो परीक्षा के दो चरणों वाले पैटर्न का विरोध कर रहे थे।
छात्रों की बड़ी मांग हुई पूरी
TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग परीक्षा को एकल चरण में कराने की थी। छात्रों का कहना था कि दो चरणों में परीक्षा कराने से प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाएगी। इसी मांग को लेकर अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे थे।
27 अगस्त को शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा के बाद TRE-4 को एकल चरण में कराने की मांग स्वीकार कर ली गई।
CM सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों की मांग को ध्यान में रखते हुए TRE-4 परीक्षा को एक चरण में कराने की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले को शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव को लेकर पिछले कई दिनों से अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी थी। अब सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
32,388 पदों पर होनी है शिक्षक भर्ती
TRE-4 के जरिए बिहार में 32,388 शिक्षकों की भर्ती की जानी है। राज्य सरकार पहले ही इस भर्ती के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC को भेज चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जुलाई में इसकी जानकारी दी थी।
इन पदों में अलग-अलग कक्षाओं और विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
क्यों नाराज थे अभ्यर्थी?
TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद परीक्षा के पैटर्न में बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया था। छात्रों की प्रमुख मांगों में एक चरण में परीक्षा कराने के साथ-साथ निगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग भी शामिल थी।
अभ्यर्थियों का कहना था कि नई व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया कठिन और लंबी हो सकती है। इसी को लेकर पटना के गर्दनीबाग सहित अन्य स्थानों पर प्रदर्शन भी हुए।
निगेटिव मार्किंग पर क्या हुआ?
एकल चरण की मांग को सरकार ने स्वीकार कर लिया है, लेकिन छात्रों की अन्य मांगों पर स्थिति अलग हो सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभ्यर्थी निगेटिव मार्किंग को खत्म करने की मांग भी उठा रहे थे। इसलिए परीक्षा के अंतिम नियमों और विस्तृत पैटर्न को लेकर BPSC की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना महत्वपूर्ण होगा।
अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे परीक्षा से जुड़े किसी भी बदलाव की जानकारी के लिए BPSC की आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम आधार मानें।
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का असर
TRE-4 को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत का दौर भी चला। 26 अगस्त को छात्रों की मांगों पर सरकार की गंभीरता की जानकारी सामने आई थी। इसके अगले दिन छात्र प्रतिनिधियों के साथ शिक्षा विभाग की बैठक हुई, जिसमें एकल परीक्षा की मांग स्वीकार कर ली गई।
इस फैसले से सरकार और अभ्यर्थियों के बीच चल रहे गतिरोध को कम करने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों के लिए अब क्या महत्वपूर्ण?
अब अभ्यर्थियों की नजर TRE-4 की परीक्षा से जुड़ी आगे की आधिकारिक प्रक्रिया पर रहेगी। एक चरण में परीक्षा कराने का फैसला सामने आने के बाद उम्मीदवारों को परीक्षा पैटर्न, पाठ्यक्रम, तारीख और अन्य नियमों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
सरकार के फैसले के बाद अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी भी उसी अनुसार करने का मौका मिलेगा। खासकर वे उम्मीदवार जो लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए एकल चरण की व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो सकती है।
32 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती का मौका
TRE-4 बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए रोजगार का बड़ा अवसर है। 32,388 पदों पर होने वाली भर्ती के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होंगे।
सरकार द्वारा परीक्षा को एक चरण में कराने का फैसला अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांग को पूरा करता है। अब सभी की नजर BPSC की ओर से जारी होने वाली आगे की आधिकारिक जानकारी पर है।
नोट: एकल चरण में TRE-4 परीक्षा कराने का फैसला 27 अगस्त 2026 को छात्र प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद सामने आया है। परीक्षा की अंतिम तारीख, विस्तृत पैटर्न और अन्य नियमों के लिए BPSC की आधिकारिक अधिसूचना को अंतिम माना जाएगा।
चंदा रिपोर्ट



