देश में माध्यमिक शिक्षा को लेकर जारी एक ताज़ा विश्लेषण के अनुसार, कक्षा 9 और 10 के लगभग 7% छात्र अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर पाते। हालांकि, कई राज्यों में ड्रॉपआउट दर कम करने और छात्रों को स्कूल से जोड़े रखने के प्रयासों का सकारात्मक असर भी देखने को मिला है।
मिली जानकारी के अनुसार, Uttar Pradesh सहित कई राज्यों ने माध्यमिक शिक्षा में नामांकन बढ़ाने, छात्रवृत्ति, डिजिटल शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार जैसे कदम उठाए हैं। इन प्रयासों के कारण कुछ राज्यों के प्रदर्शन में पहले की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक कठिनाइयाँ, पारिवारिक जिम्मेदारियाँ, स्कूल से दूरी और सामाजिक कारण अब भी कई छात्रों के पढ़ाई छोड़ने की प्रमुख वजह हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारें विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत सुविधाएँ और समय पर सहायता मिलने से ड्रॉपआउट दर को और कम किया जा सकता है।
फिलहाल शिक्षा क्षेत्र में माध्यमिक स्तर पर छात्रों की निरंतर पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न राज्यों में सुधारात्मक कदम जारी हैं।
(Poonam Report)



