पीएम मोदी की मंत्रियों के साथ करीब चार घंटे चली समीक्षा बैठक, विकसित भारत के एजेंडे पर मांगे ठोस सुझाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ करीब चार घंटे की समीक्षा बैठक की। बैठक में 20 केंद्रीय राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री शामिल हुए। इसमें सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति तथा जमीन पर उनके क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।
इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें अधिकारियों की जगह मंत्रियों के साथ सीधे चर्चा पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से अपने-अपने विभागों से जुड़े कामकाज की स्थिति, सामने आ रही चुनौतियों और योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए सुझावों पर चर्चा की।
बैठक में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले विचारों पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से ऐसे सुझाव देने को कहा, जिनसे सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक तेजी से पहुंचे और शासन व्यवस्था में जवाबदेही तथा काम की गति बढ़े।
समीक्षा बैठक में सरकारी योजनाओं के केवल कागजों पर चलने के बजाय उनके वास्तविक प्रभाव और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को महत्वपूर्ण माना गया। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में परिणाम देने और योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखने की दिशा में काम करने पर जोर दिया।
यह बैठक प्रधानमंत्री द्वारा शासन और विकास के एजेंडे की नियमित समीक्षा की कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग उच्चस्तरीय बैठकों में विकसित भारत के लक्ष्य, तकनीक, बुनियादी ढांचे, आत्मनिर्भरता और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर जोर दिया है।
आने वाले दिनों में मंत्रियों के साथ ऐसी और समीक्षा बैठकें होने की संभावना है। सरकार का जोर नीतियों और योजनाओं की घोषणा के साथ-साथ उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और आम लोगों तक उनके लाभ पहुंचाने पर है।
Poonam Report



