2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक अहम मामले में अदालत द्वारा पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद दिल्ली की राजनीति फिर गरमा गई है। फैसले का भाजपा ने स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा कि ताहिर हुसैन का पार्टी से कोई संबंध नहीं है और भाजपा नेता कपिल मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह पीड़ित परिवार के लिए न्याय का महत्वपूर्ण कदम है। दूसरी ओर, AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए इस मामले को उठा रही है और कपिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
इस बीच, मामले में दोषी ठहराए गए कुछ आरोपियों के परिजनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देने की बात कही है। उनका कहना है कि वे अदालत के निर्णय के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
अदालत के फैसले के बाद एक बार फिर 2020 दिल्ली दंगों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और अपील पर उच्च न्यायालय का फैसला महत्वपूर्ण होगा।
Poonam Report



