9/11 हमले के 25 साल: चार विमानों के अपहरण से बदली दुनिया, आज भी कई सवाल बाकी
11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमलों को आज 25 साल पूरे हो गए हैं। इस घटना में 2,977 लोगों की जान गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और पेंसिल्वेनिया में हुए इन हमलों ने न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और विदेश नीति को बदल दिया।
उस दिन चार यात्री विमानों का अपहरण किया गया था। दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारतों से टकराया गया, एक विमान पेंटागन से टकराया और चौथा विमान पेंसिल्वेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। चौथे विमान में सवार यात्रियों ने अपहरणकर्ताओं का विरोध करने की कोशिश की थी।
हमलों के बाद अमेरिका ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव किए। एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था कड़ी हुई, खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया और आतंकवाद से निपटने के लिए कई नए कानून और संस्थागत व्यवस्थाएं बनाई गईं। इसी दौर में अमेरिका ने अफगानिस्तान और बाद में इराक में लंबे सैन्य अभियान शुरू किए, जिनका असर आने वाले वर्षों तक वैश्विक राजनीति पर रहा।
25 साल बाद भी 9/11 की विरासत सिर्फ उस दिन हुई घटना तक सीमित नहीं है। हमलों के बाद बचाव कार्यों में शामिल रहे हजारों लोगों और आसपास के इलाकों में मौजूद लोगों में लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आईं। Reuters के अनुसार 1.5 लाख से अधिक responders और survivors को 9/11 से जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों का सामना करना पड़ा है।
इस घटना से जुड़े कुछ सवाल आज भी चर्चा में हैं। इनमें हमलावरों को अमेरिका में मदद पहुंचाने वाले संभावित नेटवर्क, खुफिया सूचनाओं के बावजूद हमले को रोकने में हुई विफलता और हमले की साजिश से जुड़े लोगों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया में हुई लंबी देरी जैसे मुद्दे शामिल हैं। कुछ मामलों में नए दस्तावेज और जांच सामग्री सामने आती रही है, लेकिन सभी सवालों पर एकमत निष्कर्ष नहीं है।
9/11 के मुख्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया भी बेहद लंबी चली है। ग्वांतानामो बे में चल रहे मामले में कानूनी जटिलताओं और अलग-अलग फैसलों के कारण सुनवाई में बार-बार देरी हुई है। इससे पीड़ित परिवारों के बीच न्याय मिलने को लेकर निराशा बनी हुई है।
आज 25वीं बरसी पर अमेरिका में न्यूयॉर्क, पेंटागन और पेंसिल्वेनिया के स्मारक स्थलों पर पीड़ितों को याद किया जा रहा है। परिवारों द्वारा मृतकों के नाम पढ़े जाते हैं और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आधिकारिक स्मारक के अनुसार हमलों में मारे गए 2,977 लोगों की स्मृति में हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
9/11 के 25 साल बाद भी यह घटना इतिहास का एक ऐसा मोड़ बनी हुई है, जिसने सुरक्षा, आतंकवाद, युद्ध, नागरिक स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को गहराई से प्रभावित किया। नई पीढ़ी के लिए यह घटना अब प्रत्यक्ष अनुभव के बजाय इतिहास का हिस्सा बन रही है, लेकिन इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव आज भी दुनिया में दिखाई देते हैं।
Poonam Report



