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वर्ल्ड ट्रेड सेंटर कैसे बना था, 9/11 के बाद क्या हुआ? 25 साल बाद फिर चर्चा में ट्विन टावर

न्यूयॉर्क का वर्ल्ड ट्रेड सेंटर कभी दुनिया की सबसे चर्चित गगनचुंबी इमारतों में शामिल था। इसके दो मुख्य टावर, जिन्हें ट्विन टावर्स कहा जाता था, 1970 के दशक की शुरुआत में तैयार हुए और लंबे समय तक न्यूयॉर्क की पहचान बने रहे। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर का निर्माण 5 अगस्त 1966 को शुरू हुआ था। शुरुआती करीब दो वर्षों में निर्माण का बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे किया गया था।

ट्विन टावर्स की ऊंचाई 110 मंजिल थी। इतनी ऊंची इमारतों में लिफ्ट की व्यवस्था अपने आप में बड़ी चुनौती थी। हर मंजिल तक अलग लिफ्ट चलाने से काफी जगह लिफ्ट शाफ्ट में चली जाती, इसलिए टावरों में एक्सप्रेस और स्थानीय लिफ्ट की व्यवस्था बनाई गई। यात्रियों को एक्सप्रेस लिफ्ट से एक निश्चित स्तर तक पहुंचाया जाता और वहां से स्थानीय लिफ्ट के जरिए संबंधित मंजिल तक ले जाया जाता था। इन बीच के स्तरों को स्काई लॉबी कहा जाता था। इस व्यवस्था से लिफ्ट शाफ्ट की संख्या कम हुई और कार्यालयों के लिए अधिक जगह उपलब्ध हुई। दोनों टावरों में कुल 198 लिफ्ट थीं।

ट्विन टावर्स के आसपास करीब पांच एकड़ का बड़ा प्लाजा था। इसके आसपास वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर की कई अन्य इमारतें मौजूद थीं। प्लाजा के नीचे एक बड़ा कॉनकोर्स था, जो परिसर का प्रमुख पैदल मार्ग था और न्यूयॉर्क की सबवे तथा PATH परिवहन व्यवस्था से जुड़ा था। इस वजह से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर सिर्फ कार्यालयों का परिसर नहीं बल्कि न्यूयॉर्क के परिवहन और कारोबारी जीवन का भी महत्वपूर्ण केंद्र था।

11 सितंबर 2001 को इस परिसर का इतिहास हमेशा के लिए बदल गया। उस दिन चार यात्री विमानों का अपहरण किया गया। इनमें से दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकराए। सुबह 8:46 बजे अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 11 नॉर्थ टावर से और करीब 9:02 बजे यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 175 साउथ टावर से टकराई। उस दिन हुए हमलों में कुल 2,977 लोगों की जान गई।

हमलों के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर पूरी तरह बदल गया। पुराने ट्विन टावर्स दोबारा नहीं बनाए गए। उनकी जगह स्मारक, संग्रहालय, कार्यालयों, परिवहन सुविधाओं और नई इमारतों वाला एक नया परिसर विकसित किया गया। आज यह जगह एक तरफ न्यूयॉर्क के आर्थिक जीवन का हिस्सा है तो दूसरी तरफ 9/11 की याद और पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने का प्रमुख स्थल भी है।

पुनर्निर्माण के प्रमुख हिस्सों में वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर शामिल है, जिसे 2014 में खोला गया। इसके अलावा परिसर में 7 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, Oculus परिवहन केंद्र और 9/11 मेमोरियल एवं म्यूजियम जैसी सुविधाएं विकसित हुईं।

9/11 के बाद लोअर मैनहट्टन के पुनर्निर्माण में वर्षों लगे। आज यहां कार्यालयों के साथ आवासीय क्षेत्र, होटल, दुकानें, परिवहन सुविधाएं और सांस्कृतिक संस्थान भी मौजूद हैं। 25 साल बाद यह इलाका फिर से एक सक्रिय शहरी केंद्र बन चुका है और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर न्यूयॉर्क के इतिहास, त्रासदी और पुनर्निर्माण—तीनों का प्रतीक बन गया है।

Poonam Report

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