देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 11 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार अगले करीब 20 घंटों के दौरान 25 राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे मौसम में सामान्य जनजीवन, सड़क यातायात और स्थानीय परिवहन प्रभावित होने की आशंका है।
उत्तर भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। बिहार में भी कई जिलों के लिए बारिश और तेज हवा को लेकर चेतावनी बताई गई है। मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश के कारण अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की चेतावनी जारी होने की जानकारी सामने आई है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान के भी कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान बताया गया है। वहीं गुजरात में भी मानसून की गतिविधि बढ़ने की संभावना है और 12 सितंबर से कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
महाराष्ट्र में भी मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत हैं। मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश की गतिविधि शनिवार और रविवार के दौरान बढ़ सकती है।
इस बीच सितंबर में देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की स्थिति भी बनी हुई है। कम बारिश का असर खरीफ फसलों के साथ-साथ आने वाले रबी सीजन की तैयारियों पर पड़ सकता है। ऐसे में सितंबर की बारिश कृषि के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, कमजोर पुराने भवनों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा यात्रा से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना जरूरी होगा।
Poonam Report



