
पटना: बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर विरोध का ऐलान किया है। हालांकि, अनंत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी पार्टी से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है।
नीरज कुमार के खिलाफ समर्थन नहीं, अनुज सिंह के साथ
अनंत सिंह ने कहा है कि वह MLC चुनाव में JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। इसके बजाय उन्होंने डॉ. अनुज कुमार के समर्थन की बात कही है। इससे पटना स्नातक सीट का चुनाव JDU के लिए खासा चर्चा में आ गया है।
अनंत सिंह का कहना है कि उनका विरोध JDU से नहीं है। उनके मुताबिक, नीरज कुमार ने पहले भी उनके और पार्टी के अन्य नेताओं के चुनावों में विरोध किया था। इसी पुराने विवाद को उन्होंने अपने मौजूदा रुख की वजह बताया है।
‘हम नीरज को हराएंगे’, खुलकर दी चुनौती
18 सितंबर को दिए बयान में अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ और भी कड़ा रुख अपनाया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कहा कि वह नीरज कुमार को चुनाव में हराने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे और उनकी जमानत बचना भी मुश्किल बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब JDU संगठन की ओर से पार्टी नेताओं को चुनाव में एकजुट रखने की कोशिशें जारी हैं।
अनंत सिंह JDU विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक में भी शामिल नहीं हुए। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति के लिए क्षेत्र में पहले से तय कार्यक्रम का हवाला दिया।
AK-47 मामले को लेकर भी आमने-सामने
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद केवल MLC चुनाव तक सीमित नहीं है। हालिया बयानबाजी में AK-47 मामले का भी जिक्र हुआ है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए नार्को टेस्ट की चुनौती दी है। दूसरी ओर, नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि अनंत सिंह के पास कोई सबूत है तो उन्हें अदालत का रुख करना चाहिए।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि दोनों नेताओं की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक दावे अलग-अलग पक्षों के बयान हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में JDU उम्मीदवार के खिलाफ उसी पार्टी के एक मौजूदा विधायक का खुला विरोध राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अनंत सिंह का प्रभाव मोकामा और आसपास के इलाकों में माना जाता है, जबकि नीरज कुमार JDU के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हैं।
फिलहाल अनंत सिंह ने पार्टी छोड़ने या JDU से औपचारिक रूप से अलग होने की घोषणा नहीं की है। उनका सार्वजनिक रुख फिलहाल नीरज कुमार के व्यक्तिगत राजनीतिक विरोध के तौर पर सामने आया है।
नीरज कुमार का भी पलटवार
अनंत सिंह के बयान के बाद नीरज कुमार ने भी जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में उम्मीदवार बनने के बाद पार्टी अपना चुनाव लड़ती है और उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति नहीं बदली है। दोनों नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी से MLC चुनाव से पहले JDU के भीतर की खींचतान सार्वजनिक हो गई है।
नोट: इस खबर में अनंत सिंह और नीरज कुमार से जुड़े आरोपों को संबंधित नेताओं के बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। किसी आरोप को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना गया है।
चंदा रिपोर्ट



