मीरजापुर में संत पंकज महाराज की जनजागरण यात्रा पहुंची, बोले- कुदरत के नियमों की अनदेखी का परिणाम भुगतना पड़ सकता है

मीरजापुर में संत पंकज महाराज के नेतृत्व में चल रही 108 दिवसीय शाकाहार, सदाचार और आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा मंगलवार को हलिया विकासखंड के पंवारीकला पहुंची। यात्रा के 25वें पड़ाव पर शिव प्रताप सिंह इंटर कॉलेज के पास सत्संग का आयोजन किया गया। आंधी-तूफान और बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के स्वागत के लिए पहुंचे। कलश, पुष्पवर्षा और जयगुरुदेव के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने संत पंकज महाराज और यात्रा का स्वागत किया।
सत्संग के दौरान संत पंकज महाराज ने कहा कि मनुष्य को मिला जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं के लिए नहीं है, बल्कि इसे प्रभु की भक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए भी उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा प्रत्येक जीव के भीतर मौजूद हैं, लेकिन मनुष्य उन्हें बाहर खोजता रहता है। उन्होंने प्रभु की प्राप्ति के लिए सच्चे महात्मा और गुरु के मार्गदर्शन को आवश्यक बताया।
उन्होंने सुरत-शब्द योग की साधना में सुमिरन, ध्यान और भजन के महत्व को समझाया तथा उपस्थित लोगों को भजन की विधि के बारे में जानकारी दी। संत पंकज महाराज ने लोगों से शाकाहार और सदाचार अपनाने की अपील की। साथ ही नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश दिया।
संत पंकज महाराज ने कहा कि प्रकृति और कुदरत के नियमों की अनदेखी का परिणाम मनुष्य को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में अच्छे आचरण और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहयोग किया।
Poonam Report



