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सबसे बड़ी मंडी में 15% बढ़ गए प्याज के दाम, आज 800 मीट्रिक टन प्याज लेकर दिल्ली पहुंचेगी कांदा एक्सप्रेस

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नई दिल्ली। देश में प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त में प्याज के दामों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। सरकार ने कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज की खेप देश के बड़े उपभोग केंद्रों तक पहुंचाई जा रही है। सरकार का मकसद बढ़ी हुई आपूर्ति के जरिए कीमतों पर दबाव कम करना है।

प्याज की कीमतों में तेज उछाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 24 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 43.53 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 59 फीसदी अधिक है। इसी अवधि में औसत थोक कीमत भी लगभग 35.58 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर करीब 68 फीसदी ज्यादा है।

महानगरों में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक है। 24 अगस्त को दिल्ली में प्याज करीब 55 रुपये प्रति किलो और कोलकाता में करीब 53 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया, जबकि कुछ रिपोर्टों में दिल्ली के खुदरा बाजार में इससे भी अधिक कीमत दर्ज होने की बात सामने आई है।

नासिक से चलेगी कांदा एक्सप्रेस

प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने नासिक से विशेष रेल रेक के जरिए बफर स्टॉक भेजने का फैसला किया है। इन ट्रेनों को ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम दिया गया है।

इनके जरिए प्याज को नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे बड़े उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं। सरकार का कहना है कि रेल के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज तेजी से पहुंचाने से बाजार में उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली में पहुंचेगा बफर स्टॉक

सरकार की योजना के तहत नासिक से भेजी जा रही प्याज की खेप दिल्ली पहुंचाई जा रही है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार सरकार द्वारा भेजे गए बफर स्टॉक को दिल्ली-एनसीआर के थोक और खुदरा बाजार में उतारा जाएगा।

दिल्ली में प्याज की कीमतें राष्ट्रीय औसत से ऊपर रहने के कारण केंद्र ने यहां आपूर्ति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि अतिरिक्त प्याज बाजार में आने के बाद थोक कीमतों पर दबाव कम हो और इसका फायदा खुदरा उपभोक्ताओं तक पहुंचे।

35 रुपये किलो प्याज बेचने की तैयारी

महंगे प्याज से राहत देने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर में 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचने की तैयारी में है। इसके लिए मोबाइल वैन और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सरकार की एजेंसियां बफर स्टॉक के प्याज को नियंत्रित कीमत पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगी। इससे खुले बाजार में प्याज की कीमतों पर भी दबाव कम होने की उम्मीद है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं प्याज के दाम?

प्याज की कीमतों में मौजूदा तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। उत्पादन और मंडियों में आवक से जुड़ी परिस्थितियां, मौसमी मांग, मौसम और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याएं कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक अगस्त-सितंबर के दौरान प्याज की कीमतों में मौसमी तेजी सामान्य तौर पर देखी जाती है। हालांकि इस बार बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज निकालकर बाजार में आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है।

सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक

सरकार का कहना है कि देश में घरेलू मांग पूरी करने के लिए प्याज की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है। 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन करीब 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के लगभग 307.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के करीब है।

ऐसे में सरकार का फोकस उत्पादन की कमी से ज्यादा बाजार में तत्काल आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों में होने वाली तेज उछाल को नियंत्रित करने पर है।

आम लोगों को कब मिलेगी राहत?

कांदा एक्सप्रेस के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंचने के बाद बाजार में उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकारी एजेंसियों द्वारा नियंत्रित कीमत पर बिक्री किए जाने से उपभोक्ताओं को सीधे राहत मिल सकती है।

हालांकि खुदरा कीमतों में वास्तविक गिरावट कितनी और कितनी जल्दी आती है, यह बाजार में पहुंचने वाली प्याज की मात्रा, स्थानीय मांग और मंडियों में आवक पर निर्भर करेगा।

सरकार की नजर कीमतों पर

केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों और उपलब्धता पर लगातार नजर रखने की बात कही है। जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक से और प्याज बाजार में उतारा जा सकता है। सरकार का उद्देश्य त्योहारी सीजन से पहले कीमतों में अनावश्यक तेजी को रोकना और उपभोक्ताओं को राहत देना है।

नोट: आपके दिए शीर्षक में “सबसे बड़ी मंडी में 15% बढ़े दाम” और “800 मीट्रिक टन आज दिल्ली पहुंचेगी” का दावा है। ताजा उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में इन दोनों आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली; इसलिए खबर में उन्हें पुष्ट तथ्य के रूप में नहीं जोड़ा गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में कांदा एक्सप्रेस और दिल्ली के लिए प्याज की आपूर्ति की पुष्टि है।

चंदा रिपोर्ट

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