फर्जी हाजिरी, भ्रष्टाचार और रील्स बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई, दो थानाध्यक्ष समेत अब तक 25 पुलिसकर्मी सस्पेंड लखनऊ/पटना। पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, फर्जी हाजिरी, भ्रष्टाचार और ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील बनाने जैसे मामलों को लेकर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अलग-अलग मामलों में जांच के बाद कई पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही, नियमों की अनदेखी और विभाग की छवि खराब करने वाली गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्जी हाजिरी पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई पुलिस विभाग में फर्जी हाजिरी का मामला अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। कई मामलों में पुलिसकर्मियों के ड्यूटी पर मौजूद नहीं होने के बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज होने की शिकायतें सामने आई हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने हाजिरी रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट, मोबाइल लोकेशन और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन और विभागीय जांच की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी में गैरहाजिर रहकर फर्जी तरीके से हाजिरी लगाना गंभीर अनुशासनहीनता है। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर भी कार्रवाई पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों पर भी अधिकारियों ने सख्ती दिखाई है। थानों और चौकियों पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई। जहां आरोपों की पुष्टि हुई, वहां संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने साफ किया है कि पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल किसी भी तरह के निजी लाभ या अवैध वसूली के लिए करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में निलंबन के साथ-साथ आगे की विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। दो थानाध्यक्ष भी कार्रवाई की जद में इन मामलों में थानों के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। दो थानाध्यक्षों को भी निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। थानाध्यक्षों की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं होती, बल्कि थाना परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली और अनुशासन की निगरानी भी उनकी जिम्मेदारी होती है। इसी वजह से अधीनस्थ कर्मचारियों की लापरवाही या अनियमितता के मामलों में थाना प्रभारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वर्दी में रील बनाने पर भी सख्ती पुलिसकर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान वर्दी में सोशल मीडिया रील बनाने के मामले भी लगातार चर्चा में रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्दी में रहते हुए व्यक्तिगत मनोरंजन या प्रचार के लिए रील और वीडियो बनाना विभागीय नियमों के खिलाफ पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पुलिस विभाग द्वारा जागरूकता, यातायात अभियान या आधिकारिक सूचना के उद्देश्य से बनाए जाने वाले वीडियो अलग श्रेणी में आते हैं। पुलिसकर्मियों में बढ़ी चिंता लगातार हो रही कार्रवाई के बाद पुलिसकर्मियों में भी सख्ती का असर दिखाई दे रहा है। अधिकारियों ने थानों और पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर तत्काल रिपोर्ट दी जाए। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। कानून लागू करने वाली पुलिस अगर खुद नियमों का उल्लंघन करेगी तो इससे जनता के बीच विभाग की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। अब तक 25 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का दावा फर्जी हाजिरी, भ्रष्टाचार, ड्यूटी में लापरवाही और सोशल मीडिया पर नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों को लेकर अब तक 25 पुलिसकर्मियों के निलंबन की बात सामने आई है। इनमें दो थानाध्यक्ष भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि यह आंकड़ा अलग-अलग मामलों और स्थानों में हुई कार्रवाई से जुड़ा है। इसलिए प्रत्येक मामले में संबंधित पुलिस विभाग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम संख्या और आरोपों की पुष्टि की जानी चाहिए। अधिकारियों का सख्त संदेश पुलिस विभाग में लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि वरिष्ठ अधिकारी अब अनुशासनहीनता को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। फर्जी हाजिरी हो, भ्रष्टाचार का आरोप हो या फिर वर्दी में सोशल मीडिया रील बनाना—जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों से ड्यूटी के दौरान पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ काम करने की अपील की है। साथ ही यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में इस तरह की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चंदा रिपोर्ट

फर्जी हाजिरी, भ्रष्टाचार और रील्स बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई, दो थानाध्यक्ष समेत अब तक 25 पुलिसकर्मी सस्पेंड
लखनऊ/पटना। पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, फर्जी हाजिरी, भ्रष्टाचार और ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील बनाने जैसे मामलों को लेकर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अलग-अलग मामलों में जांच के बाद कई पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही, नियमों की अनदेखी और विभाग की छवि खराब करने वाली गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फर्जी हाजिरी पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस विभाग में फर्जी हाजिरी का मामला अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। कई मामलों में पुलिसकर्मियों के ड्यूटी पर मौजूद नहीं होने के बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज होने की शिकायतें सामने आई हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने हाजिरी रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट, मोबाइल लोकेशन और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की।
जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन और विभागीय जांच की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी में गैरहाजिर रहकर फर्जी तरीके से हाजिरी लगाना गंभीर अनुशासनहीनता है।
भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर भी कार्रवाई
पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों पर भी अधिकारियों ने सख्ती दिखाई है। थानों और चौकियों पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई। जहां आरोपों की पुष्टि हुई, वहां संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने साफ किया है कि पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल किसी भी तरह के निजी लाभ या अवैध वसूली के लिए करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में निलंबन के साथ-साथ आगे की विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
दो थानाध्यक्ष भी कार्रवाई की जद में
इन मामलों में थानों के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। दो थानाध्यक्षों को भी निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। थानाध्यक्षों की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं होती, बल्कि थाना परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली और अनुशासन की निगरानी भी उनकी जिम्मेदारी होती है।
इसी वजह से अधीनस्थ कर्मचारियों की लापरवाही या अनियमितता के मामलों में थाना प्रभारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वर्दी में रील बनाने पर भी सख्ती
पुलिसकर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान वर्दी में सोशल मीडिया रील बनाने के मामले भी लगातार चर्चा में रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित कर सकते हैं।
अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्दी में रहते हुए व्यक्तिगत मनोरंजन या प्रचार के लिए रील और वीडियो बनाना विभागीय नियमों के खिलाफ पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि पुलिस विभाग द्वारा जागरूकता, यातायात अभियान या आधिकारिक सूचना के उद्देश्य से बनाए जाने वाले वीडियो अलग श्रेणी में आते हैं।
पुलिसकर्मियों में बढ़ी चिंता
लगातार हो रही कार्रवाई के बाद पुलिसकर्मियों में भी सख्ती का असर दिखाई दे रहा है। अधिकारियों ने थानों और पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर तत्काल रिपोर्ट दी जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। कानून लागू करने वाली पुलिस अगर खुद नियमों का उल्लंघन करेगी तो इससे जनता के बीच विभाग की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
अब तक 25 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का दावा
फर्जी हाजिरी, भ्रष्टाचार, ड्यूटी में लापरवाही और सोशल मीडिया पर नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों को लेकर अब तक 25 पुलिसकर्मियों के निलंबन की बात सामने आई है। इनमें दो थानाध्यक्ष भी शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि यह आंकड़ा अलग-अलग मामलों और स्थानों में हुई कार्रवाई से जुड़ा है। इसलिए प्रत्येक मामले में संबंधित पुलिस विभाग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम संख्या और आरोपों की पुष्टि की जानी चाहिए।
अधिकारियों का सख्त संदेश
पुलिस विभाग में लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि वरिष्ठ अधिकारी अब अनुशासनहीनता को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। फर्जी हाजिरी हो, भ्रष्टाचार का आरोप हो या फिर वर्दी में सोशल मीडिया रील बनाना—जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों से ड्यूटी के दौरान पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ काम करने की अपील की है। साथ ही यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में इस तरह की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चंदा रिपोर्ट



