
किशनगंज, 12 सितंबर 2026: सीमावर्ती क्षेत्र सोलपारा में मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल मजदूरी और नशे के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन बीएसएफ, राहत संस्था और iPartner के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, कानून तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
रोजगार के नाम पर ठगी से सावधान रहने की अपील
बीएसएफ इंस्पेक्टर लक्ष्मीधर स्वाईं ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों से रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में जाते हैं। ऐसे में रोजगार का झांसा देकर मानव तस्करी या ठगी का शिकार बनाए जाने का खतरा रहता है। उन्होंने ग्रामीणों से संदिग्ध व्यक्तियों, दलालों या गतिविधियों की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों तक पहुंचाने की अपील की।
बाल विवाह और बाल मजदूरी रोकने पर जोर
राहत संस्था की सचिव डॉ. फरज़ाना बेगम ने कहा कि ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं और बच्चों को शोषण तथा तस्करी से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए सभी लोगों की भागीदारी जरूरी है। अभिभावकों से बच्चों को कम उम्र में मजदूरी कराने के बजाय उनकी शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की गई।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील
बीएसएफ महिला कांस्टेबल प्रतिभा ने बच्चों को नशे से दूर रखने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की। एसआई देशराज ने कहा कि बाहरी दलाल रोजगार, पढ़ाई या बेहतर भविष्य का लालच देकर बच्चों और परिवारों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसी गतिविधियों की समय पर सूचना मिलने से संभावित नुकसान को रोका जा सकता है।
बेटियों की शिक्षा को बताया जरूरी
कार्यशाला में यास्मीन परवीन ने बाल विवाह रोकने और बेटियों को शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने की अपील की। राहत संस्था की मालामिका ने जरूरतमंद परिवारों और बच्चों की शिक्षा में सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों से बच्चों को शिक्षा दिलाने, बाल विवाह और बाल मजदूरी रोकने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित सुरक्षा एजेंसी को देने का आह्वान किया गया।
Poonam Report



